Ax+/URN0bKYQzZP4Oo66EypEV6M8gNhoWNw4HsDBo/2yNB6vIAjyBw== SukhwalSamajUdaipur: मधुमेह (डायबिटीज ):-मधुमेह रोग की जानकारी

मधुमेह (डायबिटीज ):-मधुमेह रोग की जानकारी


मधुमेह (डायबिटीज ):-मधुमेह रोग की जानकारी -

मधुमेह की समस्या -

आज के युग की यह बीमारी आम समस्या है। पुरे विश्व एवं भारत में रोगियों की सख्या समय के साथ बाद रही है। यूरोप और अमेरिका  जैसे विकसित देशों में शारीरिक श्रम पर विशेष बल देने से इन देशो डायबिटीज नियंत्रण में है। वही भारत में इस बीमारी के रोगियों की सख्या निरंतर बढ़  रही है। सर्वे के अनुसार सावर्धिक रोगी भारत में  रहते हे। 2025 में अनुमान है कि हर पांचवा मधुमेह व्यक्ति भारतीय होगा। 

मधुमेह क्या है? -ग्लूकोज का स्तर जब एक निर्धारीत सिमा से अधिक हो जाता है तो इसे मधुमेह रोग कहते है। रक्त में ग्लूकोज  के स्तर के बढ़ने का कारण इन्सुलिन नामक हार्मोन की मात्रा में कमी या इन्सुलिन की कार्यक्षमता में कमी है। हम जो भोजन लेते है उसमे मौजूद कार्बोहाइड्रेट अाँतौ  में पाचन के पश्चात ग्लूकोज में बदल जाता है। यह ग्लूकोज रक्त में पहुँचता है एवं रक्त वाहिनियों के जरिये शरीर के विभिन्न हिस्सों में पहुँचता है। जब हम भोजन लेते है तो रक्त में ग्लूकोज भोजन के माध्यम से पहुँचता है। जब हम खाली पेट होते है  तो लिवर से ग्लूकोज रक्त में आता है। इस ग्लूकोज को रक्त से शरीर की कोशिकाओं में एक दरवाजे जिसे ग्लट4  कहा जाता है। ग्लूकोज कोशिकाओं में तब ही प्रवेश कर सकता हे जब ये दरवाजे खुले हॉ। इन्सुलिन कोशिकाओं पर मौजूद दरवाजा (ग्लट 4 ) को खोलता है जिससे कि ग्लूकोज शरीर की कोशिकाओं के भीतर प्रवेश कर कोशिकाओं के लिए ऊर्जा निर्माण के स्तोत्र का काम करता है। 



परन्तु मधुमेह रोगी के रक्त में मौजूद ग्लूकोज शरीर की कोशिकाओं के भीतर प्रवेश नहीं कर पाता जिसके परिणामस्वरूप एक ओर  रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है व दूसरी ओर शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा के लिए ग्लूकोज नहीं मिल रहा होता। 
मधुमेह क्यों होता है ?- कारण 1 -शरीर की प्रतिरोधी क्षमता के गलत दिशा में क्रियाशील होने से होता है। कारण 2 -अनुवांशिक कारणों से इन्सुलिन की कार्यक्षमता में कमी आ जाती है। कुछ वर्ष बाद अग्नाशय की इन्सुलिन बनाने की क्षमता भी प्रभावित हो जाती है। जीन्स की गड़बड़ियों से मधुमेह रोग होता है। अन्य कारक जैसे -मोटापा ,व्यायम का आभाव ,मानसिक तनाव भी मधुमेह रोग को जन्म देते है। 
मधुमेह किसे हो सकता है ?-वर्तमान युग के तनाव भरे ,शारीरिक श्रम रहित जीवन में मधुमेह किसी को भी हो सकता है। 
मधुमेह के प्रमुख लक्षण -वजन घटना , बार बार पेशाब जाना ,अधिक प्यास लगना ,थकान महसूस होना ,जननांगो में खुजली ,भूख अधिक लगना। 

मधुमेह का निदान (Diagnosis )- रक्त में ग्लूकोज स्तर एवं मूत्र जांच से। 



मधुमेह की चिकित्सा - नियमित व्यायाम ,आहार नियंत्रण ,धूम्रपान /तम्बाकू/शराब का त्याग ,दवाईयां ,इन्सुलिन। 

मधुमेह रोगी आहार के सामान्य नियम - मधुमेह रोगी को चहिये की वह खाना समय पर लेने का प्रयास करे ,दिन भर के भोजन को कम से कम चार हिस्सों में ले ,लम्बे समय तक भूखा न रहे ,एक साथ अधिक न खाए। 
रोगी को चाहिए कि वह  शक्कर , शक्कर  युक्त पदार्थो के सेवन से बचे। घी ,मक्खन ,नारियल तेल ,वनस्पति घी ,पाम तेल ,अंडे का पीला हिस्सा तथा मटन का सेवन न करे। रोग को नियत्रित करने में रेशायुक्त भोजन अधिक महत्वपूर्ण होता है। हरी पत्तेदार सब्जियाँ ,सलाद ,छिलके वाली दाल ,चोकरयुक्त आटा ,ग्वार फली ,करेला ,मेथीदाना ,चना ,अंकुरित अनाज आदि में रेशा अधिक मात्रा में होता है ,अतः इनका सेवन लाभदायक है। 
मधुमेह में व्यायाम और योग का अधिक महत्व है। 
मधुमेह चिकित्सा  में नियमित व्यायाम ,संतुलित भोजन ,दवाइयों का सेवन सबसे महत्वपूर्ण है। 
मधुमेह के शरीर पर दुष्प्रभाव -आँख के परदे पर नुकसान ,गुर्दो पर प्रभाव ,तंत्रिका विकार ,पक्षघात ,ह्दय रोग ,पैर के रक्त संचरण में कमी। 
मधुमेह में ह्रदय रोग एक आम समस्या है। पक्षाघात  का खतरा। 
नियमित जांच करवाते रहे। दवाइयों का सेवन नियमित करते रहे। डॉ सेमुअल डेविडसन को किशोरावस्था में मधुमेह हुआ एवं वे निराश होकर अपनी मृत्यु का इंतजार कर रहे थे। इन्सुलिन की मदद से उन्होंने मधुमेह के साथ 75 वर्ष गुजारे ,उन्होंने अपने जीवन में इन्सुलिन के 78900 इंजेक्शन लगाए। मधुमेह का निदान संभव नहीं है लेकिन नियमित व्यायाम ,संतुलित भोजन ,दवाइयों का सेवन से इसे नियंत्रण में रख कर स्वस्थ एवं सामान्य जीवन संभव है 




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